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Mahasamar -1 Bandhan Narendra Kohli

Mahasamar -1 Bandhan

Narendra Kohli

Published
ISBN :
Hardcover
407 pages
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 About the Book 

बंधन शांतनु, सतयवती तथा भीषम के मनोविजञान तथा जीवन-मूलयों की कथा है । घटनाओं की दृषटि से यह सतयवती के हसतिनापुर में आने तथा हसतिनापुर से चले जाने के मधय की अवधि की कथा है, जिसमें जीवन के उचच आधयातमिक मूलय जीवन की निमनता और भौतिकता के सममुख असमरथMoreबंधन शांतनु, सत्यवती तथा भीष्म के मनोविज्ञान तथा जीवन-मूल्यों की कथा है । घटनाओं की दृष्टि से यह सत्यवती के हस्तिनापुर में आने तथा हस्तिनापुर से चले जाने के मध्य की अवधि की कथा है, जिसमें जीवन के उच्च आध्यात्मिक मूल्य जीवन की निम्नता और भौतिकता के सम्मुख असमर्थ होते प्रतीत होते हैं और हस्तिनापुर का जीवन महाभारत के युद्ध की दिशा ग्रहण करने लगता है । महासमर-बंधन (खंड एक) स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि किस प्रकार शांतनु, सत्यवती तथा भीष्म के कर्म-बन्धनों से हस्तिनापुर बँध चुका है और भीष्म भी उससे मुक्त होने की स्थिति में नहीं थे ।